जनसंचार माध्यमों के लिए लेखन एक विशिष्ट कला है, जो सामान्य लेखन से काफी अलग होती है। जनसंचार (Mass Communication) का अर्थ है एक विशाल और विविधतापूर्ण जनसमूह के साथ सूचनाओं, विचारों और भावनाओं का साझाकरण। कक्षा 12 हिंदी (अभिव्यक्ति और माध्यम) के पाठ्यक्रम के अनुसार, विभिन्न माध्यमों जैसे—प्रिंट, रेडियो, टीवी और इंटरनेट के लिए लेखन की अपनी-अपनी चुनौतियाँ और विशेषताएँ होती हैं।
ध्वन्यात्मकता: यहाँ शब्दों का चुनाव ऐसा होना चाहिए जो सुनने में स्पष्ट और मधुर हों।
संक्षिप्तता: रेडियो समाचार बुलेटिन बहुत छोटे होते हैं, इसलिए कम समय में अधिक जानकारी देना आवश्यक है।
लेखन में शुद्धता: छपने के बाद गलती सुधारना कठिन होता है, इसलिए भाषा और तथ्यों की शुद्धता अनिवार्य है।
रेडियो (श्रव्य माध्यम)रेडियो पूरी तरह से ध्वनि और आवाज का माध्यम है। इसे 'अंधों का माध्यम' भी कहा जाता है क्योंकि इसमें श्रोता केवल सुन सकता है। लेखन की चुनौतियाँ:
इंटरनेट (न्यू मीडिया)यह जनसंचार का सबसे आधुनिक और तीव्र माध्यम है। इसमें प्रिंट, रेडियो और टीवी तीनों की विशेषताएँ समाहित हैं।
कम शब्दों का प्रयोग: यहाँ दृश्य खुद कहानी कहते हैं, इसलिए बहुत अधिक बोलने या लिखने की आवश्यकता नहीं होती।
वर्तमान काल का प्रयोग: रेडियो पर घटनाएँ 'अभी' की लगती हैं, इसलिए यहाँ अक्सर वर्तमान काल का प्रयोग किया जाता है।